
कल्लू अंसारी
वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा और राज्यसभा में पारित होते ही देश भर के भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है, वहीं आम मुस्लिम समाज में खुशी की लहर दौड़ गई है। जगह-जगह मिठाइयां बांटी जा रही हैं और हर्षोल्लास का माहौल है।
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय संयोजक सूफी संत मलंग, श्री कल्लू अंसारी ने इस बिल का स्वागत करते हुए कहा कि “यह ऐतिहासिक कदम मुस्लिम समाज के विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा।”
उन्होंने कहा, “मैं वक्फ बोर्ड को पिछले 50 वर्षों से भली-भांति जानता हूं। एक समय था जब वक्फ बोर्ड अपने कर्मचारियों को तनख्वाह देने में भी असमर्थ था और राज्य व केंद्र सरकार से अनुदान के सहारे चलता था। यह कितनी शर्म की बात है कि भारतवर्ष में रेलवे और स्वास्थ्य विभाग के बाद तीसरे नंबर की सबसे बड़ी संपत्ति होने के बावजूद वक्फ विभाग इतनी दयनीय स्थिति में था।”
भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार
कल्लू अंसारी ने आगे कहा, “हर शहर में मुतवल्लियों द्वारा करोड़ों की वक्फ संपत्तियों पर कब्जा कर लिया गया है। कुछ ने तो इन्हें पारिवारिक संपत्ति मानते हुए अपने नाम पर बंटवारा तक कर लिया। ऐसे लोगों में अब खलबली मचना स्वाभाविक है।”
इंद्रेश कुमार और केंद्र सरकार को धन्यवाद
उन्होंने मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक श्री इंद्रेश कुमार का विशेष आभार प्रकट करते हुए कहा कि “उनके मार्गदर्शन और प्रयासों से यह बिल संभव हो सका, जो वास्तव में मुस्लिम समाज की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना
कल्लू अंसारी ने कहा कि “हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी शुक्रिया अदा करते हैं, जिन्होंने हमेशा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ की भावना के साथ कार्य किया। चाहे धारा 370 की समाप्ति हो या तीन तलाक जैसी सामाजिक कुरीतियों का खात्मा, मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया। अब वक्फ संशोधन बिल उसी दिशा में एक और मजबूत कदम है।”
मजबूत भविष्य की ओर
उन्होंने कहा, “अब वक्फ की आमदनी से विधवाएं, यतीम, वृद्ध और पिछड़े तबके के मुस्लिम अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे। उन्हें किसी के आगे हाथ फैलाने की ज़रूरत नहीं होगी। यह बिल एक साफ नियत और ईमानदार उद्देश्य के साथ लाया गया है।”
मुस्लिम समाज से अपील
कल्लू अंसारी ने अंत में कहा, “मैं अपने तमाम मुस्लिम भाइयों, बहनों, बुजुर्गों और बच्चों से अपील करता हूं कि इस ऐतिहासिक वक्फ संशोधन कानून का स्वागत करें और इसे खुले दिल से स्वीकार करें। यह कानून आपकी भलाई, सुरक्षा और भविष्य के लिए है।”